कहीं सफर में जो गिर पड़े तो

कहीं सफर में जो गिर पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी
कभी जो आंशु निकल पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी

कभी दूर हम निकल पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी
छोड़ दुनिया हम निकल पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी

अभी दूर हो तुम्हे पता नहीं, पता नहीं है हकीकत हमारी
पास आये तो जान जाओगे, जान जाओगे महोब्बत हमारी,

कहीं सफर में जो गिर पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी
कभी जो आंशु निकल पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी

आज हो तुम भरी महफ़िल में, अभी कहाँ जरुरत तुम्हे हमारी
जो तन्हा पड़ोगे तो फिर रो पड़ोगे, तब याद आएगी महोब्बत हमारी,

अभी जरा हो तुम अँधेरे में, जो हुआ सवेरा तो आएगी याद हमारी
सफर जिंदगी का बड़ा सुहाना, सुहानी यादे आएँगी तुम्हे हमारी

बेसक भूल जाओ तुम, भूलने का गम नहीं
भूल कर भी कभी कभी, याद आएगी तुम्हे हमारी

हम चाहे कभी छोड़ दे दुनिया, याद आएगी तुम्हे हमारी
बहुत कठिन है सफर जिंदगी का, पड़ी मुश्किल तो आएगी याद हमारी

कही सफर में जो गिर पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी
कभी जो आंशु निकल पड़े तो, याद आएगी तुम्हे हमारी

सुल्तान सिंह “” जसरासर “”
m- 07742904141

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