Ubuntu उबुन्टू इसका नाम तो बाली होना चाहिए था

Ubuntu उबुन्टू इसका नाम तो बाली होना चाहिए था

पिछले एक साल से ज्यादा से उबुन्टू लिनक्स Ubuntu Linux का इस्तेमाल करते रहने के बाद विंडो एक्सपी चलाने का मन ही नहीं करता | कारण एक तो लिनक्स के इस्तेमाल के बाद रोज रोज वाइरस से कंप्यूटर ख़राब होने से छुटकारा मिल गया और दूसरा धीमी गति का ब्रॉडबैंड इन्टरनेट कनेक्शन होने के बावजूद उबुन्टू में नेट बढ़िया चल जाता है | जबकि इसी कनेक्शन से यदि विंडो एक्सपी का इस्तेमाल करते हुए नेट चलाता हूँ तो कोई वेब साईट जल्दी से खुलती ही नहीं जिससे झुंझलाहट बढ़ जाती है | पिछले दिनों कुन्नु सिंह ने भी उबुन्टू को आजमाने के बाद बताया कि इसमें नेट एक्सपी के बजाय ज्यादा तेज चलता है |

मेरे कंप्यूटर में उबुन्टू लिनक्स की परफोर्मेंस देखने के बाद मेरे एक मित्र जो एक प्राइवेट कम्पनी में प्रबंधक है ने भी अपने लेपटोप व अपने ऑफिस पी.सी में मुझे बुलाकर उबुन्टू इंस्टाल करवा लिया | जिस दिन उनके कंप्यूटर में उबुन्टू इंस्टाल किया गया उन दिनों उनके ऑफिस के ब्रॉडबैंड कनेक्शन के मोडम में आई तकनीकी खराबी के चलते पिछले तीन दिनों से  आउटलुक मेल में मेल ही डाउनलोड नहीं हो रहे थे | उबुन्टू इंस्टाल करने के बाद जब मेरे मित्र ने उबुन्टू की एव्लुशन मेल कॉन्फ़िगर कर जैसे ही मेल डाउनलोड करने के सेंड रिसीव बटन दबाया कुछ ही देर में वे सभी मेल डाउनलोड हो गयी जो विंडो एक्सपी की आउटलुक मेल में तीन दिनों तक भी नहीं हो पाई थी | जिससे उनके ऑफिस में सभी को लगा कि नेट की पूरी स्पीड ये उबुन्टू खिंच रहा है कई कर्मचारियों ने उनसे आग्रह किया कि सर उबुन्टू को वापस निकलवा दीजिए वरना हमारे कंप्यूटर पर तो नेट चल ही नहीं पायेगा |
इस पर हमारे मित्र ने उनको समझाया " बावलीबूचो  उबुन्टू तो आज आया है पिछले तीन दिनों से तुम्हारी नेट क्यों नहीं चल रही थी जावो एयरटेल वालों से कम्प्लेंट करो और नेट ठीक करावो |

उसके बाद जब एयरटेल के कर्मचारी आये तो पता लगा उनके मोडम में कुछ तकनीकी खराबी थी जो ठीक कर दी गयी फिर भी आज उनके ऑफिस में नेट की जो स्पीड उबुन्टू में मिलती है उसे देखकर हर कोई दंग रह जाता है और उबुन्टू की इस तेज गति से नेट चलाने का  कारण पूछने पर हमारे मित्र भी मौज लेते हुए बताते है कि जिस तरह से रामायण के  पात्र बाली के सामने  किसी भी योद्धा के आने के बाद उसकी आधी शक्ति बाली में आ जाती थी ठीक उसी तरह ये उबुन्टू भी आस पास के कंप्यूटरस की ताकत खींचकर अपने में समा लेता है | अक्सर मेरे से भी जब उनकी उबुन्टू के बारे में बात होती है तो वे इसे बाली कहकर ही पुकारते है | अपने एलोवेरा प्रोडक्ट वाले रामबाबू भी उबुन्टू से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने भी अपने लेपटोप व डेस्कटॉप दोनों से विंडो एक्सपी को निकाल बाहर किया और अब उबुन्टू का ही इस्तेमाल कर रहे है |

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