इसलिए नहीं मिलता राजपूतों को योग्य नेता

इसलिए नहीं मिलता राजपूतों को योग्य नेता

यह विडम्बना ही है कि सदियों तक इस देश को नेतृत्व देने वाली क्षत्रिय जाति यानी राजपूतों के पास आज कोई ऐसा नेता नहीं है, जो उन्हें नेतृत्व दे सके और समाज का हर राजपूत उसकी मान सके| यूँ तो राजपूत समाज में बहुत से सामाजिक संगठन है और अपने आपको समाज का अग्रणी संगठन मानते हुए अपनी दुकाने चला रहे हैं| लेकिन इन कथित संगठनों में ऐसा कोई नहीं है जो राजपूतों द्वारा एकमत से स्वीकार किया जाता हो| इन संगठनों की समाज में सर्वस्वीकार्यता नहीं होने का कारण भी ये संगठन स्वयं ही है|

समाज का अग्रणी संगठन क्षत्रिय युवक संघ चरित्र निर्माण के क्षेत्र में जुटा है, वह सीधे राजनीति व  आन्दोलन नहीं करता, हालाँकि उसके स्वयं सेवक राजनीति व विभिन्न आंदोलनों में सक्रीय रहते हैं| संगठन की यही कार्यप्रणाली युवा पीढ़ी को रास नहीं आती| आज की युवा पीढ़ी हर मामले में आन्दोलन चाहती, वह यह सोचना भी नहीं चाहती कि जिसके पक्ष में आन्दोलन करना है उसका चरित्र कैसा है ? जबकि चरित्र निर्माण से जुड़ा कोई भी व्यक्ति ऐसे चरित्रहीन व्यक्ति के पक्ष में आन्दोलन नहीं चाहेगा| यही कारण है कि राजपूत युवा करणी सेना की और आकर्षित होता है| समाज के बुद्धिजीवी वर्ग का मानना है कि करणी सेना के विभिन्न गुटों में आपराधिक छवि के लोगों का जमावड़ा है|

करणी सेना के आपराधिक छवि को जहाँ युवा दबंग छवि देखकर उनकी तरफ आकर्षित है वहीं समाज का समझदार तबका इन संगठनों से दूरी बनाये रखता चाहता है| यही कारण है कि समाज का कोई भी संगठन समाज में सर्वस्वीकार्य नहीं है, और राजपूतों को नेता नहीं मिलने के पीछे भी यही मूल कारण है| इसके अलावा एक कारण और है – युवा पीढ़ी को कैसा नेता चाहिए, उसे खुद पता नहीं| कोई चरित्रवान व्यक्ति समाज का नेतृत्व करने आता है तो उसके छोटे बयानों, विचारों व निर्णयों पर युवा पीढ़ी सोशियल मीडिया में त्वरित टिप्पणियाँ शुरू कर टांग खिंचाई शुरू कर देते हैं| ऐसे में कई अच्छे व्यक्ति जो समाज को सही नेतृत्व दे सकते हैं उन्हें विवादित बनाकर उनकी वापसी का रास्ता तय कर दिया जाता है| यदि मैं कहूँ कि राजपूत समाज को योग्य केन्द्रीय नेतृत्व नहीं मिलने के पीछे समाज की वर्तमान युवा पीढ़ी की मानसिकता जिम्मेदार है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी|

One Response to "इसलिए नहीं मिलता राजपूतों को योग्य नेता"

  1. viram singh   November 8, 2018 at 3:20 pm

    बिल्कुल सही लिखा है आपने ••• हमारे समाज मे नेताओ की कोई कमी नही है परन्तु जिस स्तर के नेताओ की जरूरत है उसे आज के युवा स्वीकार नही करते है । वे हर मामले मे हंगामा चाहते है जो की कतई सही नही ठहराया जा सकता है।

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