आशीष जी की पोस्ट ने चोर पकड़वाया

अभी आशीष जीकी पोस्ट ” बधाई दीजिए ” पढ़ ही रहा था कि उसमे आशीष जी ने जागरूक रहने की सलाह देते हुए कॉपी स्केप नामक साईट पर जाकर अपने अपने ब्लॉग की चोरी सामग्री पकड़ने का तरीका सुझाया | इस वेबसाइट में अपने ब्लॉग का नाम भरते ही पता चला कि मेरे लिखे लेख एक भाई साहब ने बड़ी बेशर्मी से अपने ब्लॉग पर प्रकाशित कर रखे है इन्होने जो लेख अपने ब्लॉग पर पोस्ट किये है वे मैंने हिंदी विकिपीडिया पर भी प्रकाशित किए थे शायद इन जनाब ने ये लेख वहीँ से चुरा कर अपने ब्लॉग पर पोस्ट कर दिए | ठाकुर मंगल सिंह जी खूड और क्रन्तिकारी केसरी सिंह बारहट पर लिखे आलेख इन्होने चोरी किये है जबकि इन्हें पता ही नहीं होगा कि जिन ठाकुर मंगल सिंह जी का परिचय वे चोरी कर प्रकाशित कर रहे है उनकी पूर्व जागीर खूड है कहाँ |

26 Responses to "आशीष जी की पोस्ट ने चोर पकड़वाया"

  1. AlbelaKhatri.com   June 27, 2009 at 5:17 pm

    yeh toh khoob rahi…………

    anand aa gaya…………..

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  2. गिरिजेश राव   June 27, 2009 at 5:26 pm

    अनामी, बेनामी टिप्पणियों और जूतम पैजार के बाद बस अब यही बाकी था देखने को। जाने आगे आगे क्या देखने को मिले!

    जानकार ब्लॉगर बन्धु बान्ध्वियों से अनुरोध है कि copyright किस प्रक्रिया से और कैसे सस्ते में किया जा सकता है, बताएँ। यदि कोई अपनी बौद्धिक संपदा का रक्षण करना चाहता है तो यह उसका हक है।

    ब्लॉग पोस्ट की चोरी तो निहायत ही निन्दनीय है।

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  3. गिरिजेश जी प्रत्येक आप की कलात्मक कृति पर उसे तैयार करने से ही आप का कॉपीराइट स्वतः ही हो जाता है। किसी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं। उस कृति का प्रथम प्रकाशन ही उस का सबूत होता है।

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  4. रंजन   June 27, 2009 at 6:35 pm

    शुक्र है "चोर" पकड़ा तो गया.. लेकिन बहुत गंभीर मामला है..

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  5. आपका ब्लौग बहुत अच्छा लगा. अपनी प्रकाशित रचनाओं की चोरी पर चिंतित न हों, चूँकि सबसे पहले आपने उसे प्रकाशित किया है अतः वे आपकी ही मानी जाएँगीं.
    आपके ब्लौग में उबंटू पर आधारित पोस्ट पढ़ी. मैं दो महीने से उबंटू का प्रयोग कर रहा हूँ और यह शानदार है. मैंने भी ubantu.com पर signup करके फ्री सीडी मंगाई थी. हॉलैंड से 10 दिनों के भीतर फ्री सीडी आ गई. उबंटू में ऐसा कुछ नहीं है जो विन्डोज़ में न हो, बल्कि उससे भी ज्यादा है.

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  6. राज भाटिय़ा   June 27, 2009 at 7:16 pm

    अभी वो बच्चा है, ज्यादा लज्जित मत करे, बस प्यार से समझा दे, काफ़ी है, समझ भी जायेगा.
    लेकिन है फ़िर भी गलत काम

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  7. ई-गुरु राजीव   June 27, 2009 at 7:17 pm

    http://img523.imageshack.us/i/cats1s.jpg/

    This is for You.
    🙂
    E-Guru Rajeev

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  8. ई-गुरु राजीव   June 27, 2009 at 7:18 pm

    Main chahoonga ki usko maaf kar diya jaay, par usko uski galti ka ahsaas karva kar hi chhodna theek hoga.

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  9. शरद कोकास   June 27, 2009 at 7:47 pm

    चोर का नाम सार्वजनिक किया जना चाहिये

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  10. Udan Tashtari   June 27, 2009 at 10:18 pm

    आप उनसे ईमेल संपर्क कर पूछिये अगर न हटायें तो फिर मामला आगे ले चलिए. बात तो सिरे से गलत है.

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  11. हिमांशु । Himanshu   June 28, 2009 at 12:05 am

    आपने भी पकड़ ली चोरी । अभी न जाने कितने ब्लॉग-कंटेंट इधर-उधर चोरी होकर छपे पड़े होंगे । खैर, आप समझा दीजिये कि ऐसा अब न दो !

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  12. काशिफ़ आरिफ़/Kashif Arif   June 28, 2009 at 2:20 am

    उसको मेल करके प्यार से समझा दें अगर माने तो ठीक वरना जो चोर सज़ा मिलती वो ही सज़ा उसको दी जायें।

    आप सार्वजनिक तौर पर उसकी आलोचना कीजियेगा

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  13. Arvind Mishra   June 28, 2009 at 2:53 am

    good to forgive best to forget

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  14. भाई …अब ज़माना प्यार से समझाने का ही है ……..अब मात्साहब कहें तो मानना ही पड़ेगा!!!
    बकिया तो सब पंचन की भी यही राय दिख रही है !!

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  15. Gagan Sharma, Kuchh Alag sa   June 28, 2009 at 5:46 am

    क्षमा बड़न को चाहिये, छोटन को उत्पात।
    पर उत्पात इतना भी ना हो कि सर के बाल ही उड़ जायें।

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  16. cartoonist anurag   June 28, 2009 at 7:52 am

    un chor mahashay se kahiye ulta-seedha kuch bhi likh…par mere bhai chori mat kar agli bar chori kee to photo sahit akhbar main chap dooga…sawdhan ye chor hai….

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  17. ताऊ रामपुरिया   June 28, 2009 at 8:10 am

    चोरी कर जेब में डाल का सिद्धांत मानने वाला दिखै सै यो ताऊ तो? पहले राजी राजी बात करिये अगर ना माने तो हमारा लठ्ठ ले जाईये.

    रामराम.

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  18. चोरी करना अच्छी बात नही है जी। लोग ये बात कब समेझेगे? समझ नही आता।

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  19. विवेक सिंह   June 28, 2009 at 9:44 am

    यह तो अच्छी बात नहीं है किसी का लिखा चुराना !

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  20. MAYUR   June 28, 2009 at 11:29 am

    ये तो गर्व कि बात है के आपके ब्लॉग पर चुरातात्विय सामग्री है . चोरी करने वाले के लिए वेबसाइट पर लाक लगा लें जिससे कोई कॉपी ही न करसके

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  21. नरेश सिह राठौङ   June 28, 2009 at 12:26 pm

    मै आपके इस ब्लोग के माध्यम से आशीष जी का एक बार पुन धन्यवाद करता हू कि उन्होने हमे चोरी पकड़ने के तरीके के बारे मे बताया । आपकी यह पोस्ट पढकर हम भी उन भाई साहब के बलोग पर हो कर आये है । सुझाव रूपी टिप्पणी भी पेल आये । माने या ना माने यह ऊन पर है । नेट की दुनिया मे चोरी कोई पहली घटना नही है । यहाँ तो सब इसी ताक मे रहते है । मै तो यह कहता हू कि चोर भाईयो, आप हमारे ब्लोग पर आ कर शोक से चोरी कर सकते है पर जहा भी आप प्रकाशित करे हमारा नाम भी कही न कही जरूर लिख दे तो अहसान होगा ।

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  22. डॉ. मनोज मिश्र   June 28, 2009 at 4:17 pm

    चोरी कर के कोई कहाँ जायेगा .

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  23. भगवान इन्हें सद्‌बुद्धि दें।

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  24. 🙂 ..आपको भी बधाई.. चलो अच्छा है हमारा कंटेट किसी की मदद कर रहा है..

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  25. woyaadein   June 29, 2009 at 9:37 pm

    बहुत ही ग़लत काम किया है उन महाशय ने…..वैसे इस काम के लिए हिंदी में तो ठेठ शब्द है चोरी……और अंग्रेजी में बोले तो Plagiarism……..इस Plagiarism ने अच्छे अच्छों की नाक में दम कर रखा है…..अभी पिछले साल ही एक प्रतिष्ठित व्यावसायिक पत्रिका को अपनी बहुचर्चित निबंध लेखन प्रतियोगिता सिर्फ़ इसी वजह से बंद करनी पड़ी थी…..और भी कई उदाहरण हैं….

    साभार
    हमसफ़र यादों का…….

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  26. ARVI'nd   July 1, 2009 at 12:15 pm

    आपका मेरे ब्लॉग पर पधारने का धन्यवाद
    Ratan Singh Shekhawat ji,

    मुझे ये जानकर बहुत खुशी हूई की ये पोस्ट आपने लिखा है, बहुत अच्छा लिखते है आप। आपकी जितनी तारीफ कि जाए कम है । मेरे इस ब्लॉग का मकसद है कि जिन लोगो ने हमारे देश के तरक्की में योगदान दिया है या उन लोगो को जिन्होंने भारत को नया रास्ता(तरक्की का ,जज्बे का ,सोचने का) दिखाया है , आज के युवा भाइयो तक पहुँचाना जिसमे विकिपेडिया बहुत ही मददगार साबित होती है। यहाँ मेरा मकसद ये दिखाना नही होता कि ये पोस्ट मैंने लिखा है। मैंने ब्लॉग के उपरी हिस्से में लिंक के साथ साफ़- साफ़ लिखा है कि : यहाँ प्रस्तुत सभी पोस्ट मुख्यतः विकिपीडिया और बी बी सी के सौजन्य से है । बाकि पोस्टो का उल्लेख पोस्ट के साथ किया गया है। अगर मुझे यह पता होता कि यह पोस्ट आपने लिखा है या आपका जिक्र कही भी विकिपीडिया के पोस्ट में किया गया होता तो बेशक आपके इस पोस्ट के साथ आपके नाम का उल्लेख करने में मुझे बेहद खुशी होती। मई आपके ब्लॉग का बहुत बड़ा प्रसंशक हूँ। मुझे लगता है कि आपको चोरी शब्द का प्रयोग नही करना चाहिए , क्योकि मुझे लगता है कि मेरे ब्लॉग पर आने वाले सभी पाठको को ये पता होता है कि ये ब्लॉग पुर्णतः खोज पर आधारित है। आखरी में आपको आपकी लेखनी के लिए फिर से बधाई ।

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