अब गांव गांव नहीं रहे, देखो परिवर्तन

गांव अब गांव नहीं रहे, आजकल गांव भी हाईटेक हो गए, जो सुविधाएँ शहरों में है वे गांवों में भी है बल्कि ये कहें कि सड़क, नालियां, नए नए धंधों यानी स्टार्टअप की शुरुआत जैसे विकास के मामले में गांव शहरों से आगे है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी| सीकर जिले के भगतपुरा ग्राम के युवा भी विकास के रास्ते पर बड़ी तेजी के साथ कदम बढ़ा रहे है| इस ग्राम के एक लाल ने भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को तैयारी कराने के लिए एक डिफेन्स एकेडमी खोली है| शहरों, कस्बों की ज्यादातर डिफेन्स एकेडमीज खाली पड़ी रहती है वहीं  खेतों में खोली वीरू फौजी की एकेडमी में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की लाइन लगी है|

अकेडमी में एक साथ इतने अभ्यर्थी आ गए कि खाना बनाने वाले पांच छ: आदमी भी तंग हो गए| साथ ही अभ्यर्थियों की रोटियों को लेकर शिकायत और स्वच्छता का ध्यान रखते हुए वीरू फौजी ग्राम में रोटियां बनाने की यह मशीन खरीद लाया| अब वीरू फौजी डिफेन्स एकेडमी के बालक मशीन से बनी गर्मागर्म रोटियां खाते हैं और खुश है| आज कुछ वर्ष पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि गांवों में भी रोटी बनाने की मशीनें लग जायेगी| देशभर से दूर दूर से विभिन्न प्रान्तों के बच्चे सेना भर्ती की तैयारी के लिए गांव में आयेंगे| पर आज यह सामने है| वीरेंद्रसिंह शेखावत की वीरू फौजी एकेडमी में देशभर के सैंकड़ों बच्चे सेना भर्ती की फिजिकल तैयारी के लिए आ रहे हैं|

इन अभ्यर्थियों के आने से जहाँ वीरेंद्र शेखावत को देशभर में जाने जाना लगा है वहीं ग्राम में दूध, सब्जी आदि का व्यवसाय करने वालों को व्यवसायिक फायदा मिला वहीं गांव की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी है| कुल मिलाकर अब गांव गांव नहीं रहे, टेक्नोलोजी आने के बाद विकास के क्षेत्र में शहरों को पछाड़ने लगे हैं| इसी तरह गांवों में रोजगार के साधन बनते रहेंगे तभी गांवों से पलायन रुकेगा और शहरों में जनसँख्या का दबाव कम होगा|

Viru Fouji Defence Academy में रोटी बनाने की मशीन का वीडियो आप यहाँ क्लिक कर देख सकते हैं|

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