राजस्थानी प्रेम कहानी : ढोला मारू

राजस्थान की लोक कथाओं में बहुत सी प्रेम कथाएँ प्रचलित है पर इन सबमे ढोला मारू प्रेम गाथा विशेष लोकप्रिय रही है .

जहाँ मन्नत मांगी जाती है मोटरसाईकिल से !

मै यहाँ एक ऐसे स्थान की चर्चा करने जा रहा हूँ जहाँ इन्सान की मौत के बाद उसकी पूजा के साथ ही साथ उसकी बुलेट मोटर साईकिल की भी पूजा होती है.

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक

एलोवेरा शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ ब्लॉग के लिए भी एक बढ़िया टॉनिक है , एक बढ़िया की-वर्ड जो गूगल से आसानी से पाठक झटक कर आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक बढ़ा सकता है |.

"उबुन्टू लिनक्स" इसका नाम तो बाली होना चाहिए था

उबुन्टू की इस तेज गति से नेट चलाने का कारण पूछने पर हमारे मित्र भी मौज लेते हुए बताते है कि जिस तरह से रामायण के पात्र बाली के सामने किसी भी योद्धा के आने के बाद उसकी आधी शक्ति बाली में आ जाती थी.

क्रांतिवीर : बलजी-भूरजी शेखावत

आज भी बलजी को नींद नहीं आ रही थी वे आधी रात तक इन्ही फिरंगियों व राजस्थान के सेठ साहूकारों द्वारा गरीबों से सूद वसूली पर सोचते हुए चिंतित थे तभी उन्हें अपने छोटे भाई भूरजी की आवाज सुनाई दी |.

Dec 26, 2011

स्वाभिमान एवं अभिमान

अभिमान की लोगो ने जितनी निंदा की है, उतनी ही प्रंशसा स्वाभिमान की गयी है !किन्तु इस स्वाभिमान का स्पष्ट चरित्र-चित्रण नहीं होने के कारन अभिमानी लोग स्वाभिमान की ढाल बना कर अपने अहंकार की रक्षा करने का कुत्सित प्रयत्न करते देखे गए है |इसीलिए स्वाभिमानी लोगो का समाज में अभाव और अभिमानी लोगो का निरंतर विस्तार होता जारहा है |जिससे व्यक्ति ,समाज व राष्ट्र सभी की छवि मलिन होती है साथ ही चारो तरफ अशांति का साम्राज्य स्थापित होता रहता है |

विद्ध्वानो ने अभिमान शब्द का अर्थ किया है 'अपने लिए अतिशय पूजित होने की भावना "तब स्वाभिमान यानि स्व+अभिमान का अर्थ हुआ अपने लिए +अपने लिए अतिशय पूजित होने की भावना" | यह २ बार अपने लिए ,अपनेलिए शब्द का प्रयोग क्यों हुआ ,इसका रहस्य यदि हम समझने का प्रयास करे तो तो संभव है कि स्वाभिमान शब्द के अभिप्राय के नजदीक हम पहुँच सकें | संसार के सभी लोग किसी न किसी धर्म को स्वीकार करते है है यह सत्य है | और दूसरा सत्य यह है कि ३००० वर्ष पूर्व एक ही धर्म था और उस धर्म पर चलने वालों को उनके गुण ,कर्म,और उनके भाव यानि स्वभाव के अनुसार चार भागों या वर्णों में विभाजित किया गया था |उन लोगों के लिए वर्णित धर्म ,"वर्ण-धर्म"को ही "स्व-धर्म"कहा जाता था |इस प्रकार अपने अपने स्व-धर्म को लोग अपने लिए परम कल्याणकारी व महान समझते थे |उस स्व-धर्म के अभिमान,अहंकार या गौरव के नीचे अपने व्यक्तिगत अहंकार को दबा कर "सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय" की कल्पना के साथ कार्य-क्षेत्र में उतरते थे |
जैसा कि श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि "चरों वर्णों कि सृष्टि मैंने की है "के अनुसार व्यक्ति इस वर्ण-धर्म (स्वधर्म) को ईश्वर द्वारा प्रदत्त कर्तव्य समझकर हमेशा इसलिए आनंदमग्न रहता था की उसे पूर्ण विश्वास था की वह अपनी मर्जी या इरादे से कोई भी कार्य नहीं कर रहा है अपितु ईश्वर प्रदत्त "सुकर्म " में प्रवृत है |

इस प्रकार के विचार या भावना का उदय होने साथ ही उसका अपने लिए पूजित होने की भावना अर्थात "अभिमान" स्वतः ही विलुप्त होजाता था ,तब उसके लिए गर्व करने के लिए शेष रह जाता था केवल उसका "स्वधर्म"|और यही अपने स्वधर्म के लिए पूजित होने की भावना ही स्वाभिमान कहलाती है |तब लोग अपने कर्म स्वधर्म को ईश्वर का आदेश मन कर करते थे और बड़े से बड़ा त्याग व बलिदान भी उन्हें स्वधर्म के आगे तुच्छ नजर अत था ,अतः स्व-धर्म के अलावा अभिमान करने लिए उनके पास अपनी कही जाने वाली अन्य कोई महिमायुक्त वास्तु शेष ही नहीं रहती थी |ऐसे लोग स्वाभिमान के साथ जीते थे और गौरव के साथ ही मरते थे |जीवन और मृत्यु दोनों ही उनके लिए न सुखमय थे और न ही दुःख मय,अपितु जीवन और मृत्यु दोनों ही उनके लिए आनंद देने वाले थे क्योंकि उनके विघटनकारी तत्व "अभिमान,अहंकार " को उन्होंने अपने स्वधर्म के अभिमान में रूपांतरित करदिया था| अतः केवल और केवल मात्र स्वधर्म के अभिमान के लिए जीने वाले लोगो के जीवन को ही "स्वाभिमानी" कहा जासकता है|
(यह विचार श्रद्देय श्री देवी सिंह जी महार की कृति "स्वाभिमान " से लिए गए है|)

प्रस्तुतिकरण : कुंवरानी निशाकँवर

Dec 20, 2011

एडोब पेज मेकर में बनी फाइल को पीडीएफ फाइल में बदलना

पिछले दिनों ज्ञान दर्पण के एक पाठक Adobe Page Maker में बनी फ़ाइल को PDF File में बदलने की जानकारी चाह रहे थे|
तो क्यों ना आज इसी पर चर्चा की जाय-
१- सबसे पहले इस लिंक पर चटका लगाकर CutePDF Writer व PDF converter नाम के दोनों सोफ्टवेयर डाउनलोड कर अपने कंप्यूटर में संस्थापित करें|
२- अब एडोब पेज मेकर में अपनी फाइल खोले जिसे पीडीएफ फाइल में बदलना है|



३- चित्र में दिखाएनुसार प्रिंट पर क्लिक करें| प्रिंट कमांड देते ही एक पर्ची खुलेगी जिसमे चित्र में दिखाए अनुसार CutePDF Writer को Printer के बतौर चुने| और प्रिंट पर चटका लगा दें|



४- प्रिंट पर क्लिक करते ही फिर एक विंडो खुलेगी जिसमे आप सम्बंधित फाइल का नाम लिखकर जहाँ उसे सहेजना है उस फोल्डर का चुनाव कर सेव पर क्लिक कर दें आपकी पीडीएफ फाइल बनकर वहीँ सेव हो जायेगी|



Dec 14, 2011

तुम मर्द भी ना कभी नहीं जीतने दोगे मुझे


मैंने देखा है तुमको मेरे सीने पे उभरे माँस को ताकते हुए
तब जब मै घूँघट मे थी, और आँचल लिपटा था दामन पे


घूँघट हटा मैने दुपट्टा ले लिया ,
ये सोचकर की मेरी तैरती आँखे देख
शायद तुम ताकना बंद कर दो .

पर गिरी नजरे ऊपर उठे तो देखो न तुम मेरी आँखों में
तुम तो जैसे गड से गए हो मेरे उभारो में

वक़्त सरका दुपट्टा भी सरक गया सिर से
पर तुम्हारी नजरें है कि सरकने का नाम ही नहीं लेती

तुम्हें आसानी हो जाये इसलिए ,
मैने अब चिथड़ो में लपेट लिया है
इन माँस के टुकड़ों को

लो तुम झट से बोल पड़े-
''कितनी बेशर्म हो गई है आज की औरत ''

तुम मर्द भी ना कभी नहीं जीतने दोगे मुझे|

केसर क्यारी...उषा राठौड़

Dec 5, 2011

ब्लॉग पोस्ट में PDF File लगाना

अक्सर हम ब्लॉग पोस्ट में चित्रों का प्रयोग तो करते है पर ई-पेपर वेबसाइटस की तरह पोस्ट में PDF File नहीं लगा पाते| कई बार हमारे पास कोई खास पीडीएफ फाइल होती है और हम उसे अपनी ब्लॉग पोस्ट या वेब साईट पर प्रदशित करना चाहते है पर कर नहीं पाते, कुछ लोग इसके लिए पीडीएफ फाइल को सर्वर पर अपलोड कर वेब साईट पर उसका लिंक दे देते है उस लिंक पर क्लिक करते ही पीडीएफ फाइल ब्राउजर की एक दूसरी विंडो में खुलती है पर अब Google Docs Viewer की सहायता से हम किसी भी पीडीएफ फाइल को अपनी वेब साईट या ब्लॉग पोस्ट में लगाकर पाठकों के पढ़ने हेतु प्रस्तुत कर सकते है| इसके लिए
१- सबसे पहले सम्बंधित पीडीएफ फाइल को किसी सर्वर या साईट पर अपलोड करें और उसका लिंक लेकर चित्र में दिखयेनुसार Google Docs Viewerमें चिपका दें|
२- अब Generate Link बटन पर चटका लगा दें|



३- Generate Link बटन पर चटका लगाते ही नीचे कुछ लिंक बनेंगे| यदि आपको अपने ब्लॉग पोस्ट में पीडीएफ लगानी है तो सबसे नीचे वाला लिंक कोड कॉपी कर लें व ब्लॉग में चिपका दें| ध्यान रहे कोड चिपकाते वक्त पोस्ट एडिटर को Edit Html Mode में रखें|





४- अब अपनी पोस्ट को पब्लिश कर दीजिए| आपकी पीडीएफ फाइल आपके पाठकों के लिए पढ़ने को हाजिर है|





Rajput Matrimony

Dec 4, 2011

वर्डप्रेस में फ्यूचरड इमेज लगाना

वर्डप्रेस ब्लॉग व वेबसाईट की कई थीम्स में फ्यूचरड चित्र लगाने की सुविधा होती है यही फ्यूचरड चित्र लेख के साथ थम्बल्नेल के रूप में भी दिखाई देता है पर यदि हम चित्र को पोस्ट लगाते समय फ्यूचरड सेट नहीं करे तो पोस्ट के स्निपेंट में चित्र की जगह डिफाल्ट चित्र दिखाई देता है जिसमे चित्र नहीं है आदि लिखा होता है| ज्ञान दर्पण के कई पाठक व way4host.com के कई client जो अपने ब्लॉग या न्यूज़ वेबसाइट के लिए वर्डप्रेस स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करते है उनमे से कईयों के इस सम्बन्ध में फोन आते रहते है अत: आज उन्ही की सुविधा के लिए आज चर्चा करते है इस प्रश्न पर -

१- सबसे पहले अपनी वर्डप्रेस साईट के डेशबोर्ड में लोगिन कर नई पोस्ट लिखिए|
२- अब जो चित्र लगाकर उसे फ्यूचरड करना है इसके लिए चित्र में दिखाए अनुसार Set Featured Image पर क्लिक करें|



3- Set Featured Image पर क्लिक करते ही एक विंडो खुलेगी जिसमे निर्देशानुसार जो चित्र लगाना है उसे चुने व अपलोड होने दें|



4- चित्र अपलोड होते ही नीचे चित्र में दिखाए अनुसार दिखाई देगा इस विंडो में Use as a featured image पर क्लिक करे, क्लिक करने के बाद आपको Done का सन्देश दिखाई देगा, अब पोस्ट में इसी चित्र को लगाने के लिए इसे अपनी पोस्ट में लगाने के लिए एलाईमेंट चुने, चित्र किस आकार का लगाना है वह आकार चुने और Insert into Post पर क्लिक करदें |
अब चित्र आपकी पोस्ट में भी लग गया और फ्यूचरड इमेज भी बन गया|




Wordpress से सम्बंधित अन्य लेख -
वर्डप्रेस ब्लॉग में पोस्ट लिखना
वर्डप्रेस में मेनू बार जोड़ना
वर्डप्रेस ब्लॉग या वेबसाइट में विजेट जोड़ना
वर्डप्रेस में थीम संस्थापित करना

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