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Feb 17, 2010

वह राम ही था

जिस पुरुषोतम ने अजन्मा होकर भी महाभाग दशरथ के यहाँ जन्म लिया -
जिसकी सेवा के लिए स्वर्ग के सुख भोगकर अनेक देवता इस पृथ्वी पर मनुष्य के रूप में अवतरित हुए थे -
जिसके द्वार पर सदैव भगवान् शंकर योगी का भेष धारण कर केवल उसका दर्शन करने आते थे - वह राम ही था |
जिसने मार्ग चलते ही विश्वामित्र के सानिध्य में धनुर्विद्या ही नहीं सम्पूर्ण युद्ध विद्या में अद्भुत कौशल की शिक्षा प्राप्त करली थी -
जिसके चरण स्पर्श मात्र से पत्थर की मूर्तियाँ सजीव होकर उन चरणों की महिमा गाने लगती लगती थी -
दुरमति राक्षसों द्वारा वध किये गए ऋषि मुनियों की हड्डियों के पर्वतनुमा ढेर को देखकर जिसने राक्षसों का समूल नाश करने का व्रत लिया था , वह राम ही था |
जिसने स्वयम अहिल्या का उद्दार किया था, जिसके नाम का आश्रय लेकर आज भी असंख्य आत्माओं का संसार सागर में अनायास ही उद्दार हो जाता है -
दस हजार हाथियों के बल वाले राजा जिस धनुष को उठा ही नहीं सकते थे उसे जिसने खेल ही खेल में तोड़ डाला -
इक्कीस बार पृथ्वी को अपने संहारक परशु से नि:क्षत्रिय करने वाले प्रबल पराक्रमी परशुराम भी अपना क्रोध जिसके प्रभाव के सन्मुख पी गए - वह राम ही था |
जिसने अपने पूज्य पिता की इच्छा पूर्ति के लिए राज्य सुख के वैभव त्याग कर जंगलों की कठिन भूमि पर बल्कल वस्त्र पहनकर शयन करना स्वीकार किया -
मृग को मारकर भाई लक्ष्मण के साथ जब पंचवटी के आश्रम में आए तो सीताहरण से कुटिया सुनी देखकर जिस भगवान् की आँखों में सामान्य मनुष्यों के आंसू छलक आये - वह राम ही था |
सात सात ताड़ के विराट वृक्षों का छेदन कर बाली का वध करने वाले बाण जिसके हाथों से छूटते थे -
जिसने अपनी प्राण -प्रिय के अपहरण के वियोगजन्य दुःख को सहन कर धेर्य पूर्वक लोक-संग्रह कर बन्दर और भालुओं की सेना खड़ी कर दी -
जिसके नाम से पत्थर अपने डूबने के स्वभाव भूलकर समुद्र में तैरने लग जाया करते थे - वह राम ही था |
क्रमश:.......



ताऊ डॉट इन: विशेष ब्लागर सम्मान पुरुष्कार - 2010 की घोषणा.
मोजिला फायर फोक्स का सबसे महत्त्व पूर्ण एड ओन्स
औषधियों का महाराजा है एलो वेरा जेल

7 comments:

राम की महिमा अपरंपार है धन्यवाद अगली कडी का इन्तज़ार रहेगा।

जी सचमुच वे राम ही थे

बहुत सुंदर, आभार आपका इस श्रंखला के लिए.

रामराम.

अब तो राम का नाम लेना भी गुनाह कर दिया धर्म-निरपेक्षी हिन्दू नेताओं ने.

जग में सुन्दर है दो नाम चाहे किशन कहो या राम |

जय श्रीराम जी की

कुछ आधुनिक लोग इस महानायक को मध्ययुगीन आइकॉन बताते हैं। भगवान उन्हें माफ करें!

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